What is Ramadan in Islam?
इस्लाम में रमजान क्या है?
What is ramadan in islam? इस्लाम में रमजान क्या है? इस के बारे में रमज़ान यह मुस्लिम संस्कृति का एक बहुत ही पवित्र महिना Ramzan / Ramdan Festival रमजान/रमदान का त्यौहार होता है, जिसके नियम बहुत कठिन होते हैं, जो इंसान में सहन शीलता को बढ़ाते हैं. रमज़ान अपने कठोर नियमो के लिए पुरे विश्व में जाना जाता हैं. रमज़ान के दिनों की चमक देखते ही बनती हैं. पूरा महिना मुस्लिम इलाको में चमक – दमक एवं शोर शराबा रहता हैं. सभी आपस में प्रेम से मिलते हैं. गिले शिक्वे भुलाकर सभी एक दुसरे को अपना भाई मानकर रमज़ान का महिना मनाते हैं और रोजे रखते व इबादत करते है.
इस्लामी 12 महीनों के नाम हिंदी में
उर्दू में इंग्लिश में
हिंदी
उर्दू
इंग्लिश
1. मुहर्रम
مُحَرَّم
Muharram
2. सफ़र
صَفَر
Safar
3. रबीउल अव्वल
رَبِيع
ٱلْأَوَّل
Rabiul Awwal
4. रबीउल आखिर
رَبِيع ٱلْآخِر
Rabiul Akhir
5. जमादी-उल-अव्वल
جُمَادَىٰ
ٱلْأُولَىٰ
Jamadi-ul-Awwal
6. जुमादा अल-अखिर
جُمَادَىٰ ٱلْآخِرَة
Jumaada
Al-Akhir
7. रज्जब
رَجَب
Rajab
8. शाबान
شَعْبَان
Shaban
9. रमजान
رَمَضَان
Ramzan
10. शव्वाल
شَوَّال
Shawwal
11. ज़िल क़दा
ذُو
ٱلْقَعْدَة
Zil Qad
12. ज़िल हज
ذُو ٱلْحِجَّة
Zil Hajj
History of Ramadan
रमजान का इतिहास
रमज़ान या रमदान (उर्दू-अरबी – फारसी : رمضان) इस्लामी कलेण्डर का नौवाँ महीना रमजान है। मुस्लिम समुदाय इस महीने को परम पवित्र मानता है।What is ramadan in islam? इस्लाम में रमजान क्या है? आओ जाने मुस्लिम धर्म में चाँद का अत्याधिक महत्व होता हैं. चाँद को देख कर रमज़ान माह शुरू किया जाता है। इस पाक महीने को शब-ए-कदर कहा जाता हैं. इसी दिन अल्लाह ने अपने बन्दों को “कुरान शरीफ” से नवाज़ा था. इसलिए इस महीने को पवित्र माना जाता हैं और अल्लाह के लिए रोज़ा अदा किया जाता है, जिसे मुस्लिम परिवार का छोटे से बड़ा सदस्य पूरी शिद्दत से निभाता हैं और रोजा रखता है व कुरान शरीफ की तिलावत करता है.रमज़ान माह में कुरान शरीफ का नाजिल (अवतरण)
मुसलमानों के विश्वास के अनुसार इसी महीने में 27वीं रात शब-ए-क़द्र को कुरान नाजिल (अवतरण) हुआ। इसीलिये इस महीने में क़ुरान शरीफ को अधिक पढ़ना पुण्यकार्य माना जाता है। तरावीह की नमाज़ में महीने भर कुरान शरीफ की आयतों की तिलावत की जाती है। जिसे कुरान शरीफ नहीं पढ़ना आता हो उसे कुरान शरीफ को सुनना चाहिये।
How many days of fasting is there in Ramadan?
रमजान में कितने दिनों का रोजा होता है?
रमजान का महिना हर मुसलमान एक महीने यानी 30 दिनों तक रोज़ा रखे जाते हैं। इस्लाम के मुताबिक पुरे रमजान को 3 हिस्सों में बाँटा गया है जो पहला, दूसरा और तीसरा जो "अशर" कहलाता है। अशर अरबी का 10 नंबर होता है। इस तरह हर अशर 10-10 (दस-दस) दिनों का होता है। पहला अशर रहमत का होता है यानि रमजान महीने के पहले दस दिन रहमत के होते हैं जिसमे रोज़ा और नमाज़ करने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है। इस दौरान जो लोग रोजा रखते है उन्हें दान करके गरीबों की मदद करते है। रमजान के 11वें रोज़े से 20वें रोज़े तक दूसरा अशर चलता है जिसमे लोग अल्लाह की इबादत कर उनसे अपनी गुनाहों की माफ़ी मांगते है। इस्लामिक मान्यता के मुताबिक अगर कोई इंसान रमजान के दौरान अपने गुनाहों की माफ़ी मांगता है तो अल्लाह उसकी माफ़ी कुबुल कर लेते हैं और उन्हें जन्नत नसीब देते है यानि दूसरा अशरा माफ़ी का है। रमजान का तीसरा और आखरी अशर 21वें रोज़े से लेकर 29वें या 30 वें रोज़े तक चलता है। इसका कारण है रमज़ान का महिना कभी 29 दिन का तो कभी 30 दिन का होता है। ये अशर सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस अशर का उद्देश्य जहन्नम की आग से खुद को सुरक्षित रखना है। इस दौरान हर मुसलमान को जहन्नम से बचने के लिए अल्लाह से दुआ करते है और नमाज पढ़ते है दान करते है।
How to celebrate the month of Ramadan?
रमजान का महीना कैसे मनाते है?
रमजान का महीना हर मुसलमान लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। रमजान मनाने के पीछे ये मान्यता है कि, रोज़ा रखने वालों और नमाज़ पढ़ने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है। इस महीने रोजा रखकर लोग अल्लाह की इबादत कर उनसे अपनी गुनाहों की माफ़ी मांगते है। इस्लामिक मान्यता के मुताबिक अगर कोई इंसान रमजान के दौरान अपने गुनाहों की माफ़ी मांगता है तो अल्लाह उसकी माफ़ी कुबुल कर लेते हैं और उन्हें जन्नत नसीब देते है। इसीलिए हर साल मुस्लिम समुदाय द्वारा रमजान के महीने में बड़े ही उत्साह और अल्लाह से दुआ कुबूल करने के लिए रमजान महीने के रोजे रखना और नमाज पढना और कुरआन की तिलावत करना और गरीब लोगो की मदद करना आदी कार्य किये जाते है। रमजान के महीने में उपवास रखा जाता है। इस रमजान महीने के दौरान जो लोग रोजा रखते है उन्हें दान करके गरीबों की मदद करते है। रोजा रखते है और अल्लाह की इबादत कर उनसे अपनी गुनाहों की माफ़ी मांगते है। इस दौरान सूरज निकलने से लेकर सूर्यास्त तक कुछ भी खाया-पिया नहीं जाता है। रमजान रहमतों और बरकतों का महीना है। रोजे रखने वाले मुसलमान सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के दौरान कुछ भी नहीं खाते और न ही कुछ पीते हैं। सूरज निकलने से पहले सहरी की जाती है, मतलब सुबह फजर की अजान से पहले खा सकते हैं। रोजेदार सहरी के बाद सूर्यास्त तक यानी पूरा दिन कुछ न खाते और न ही पीते। इस दौरान अल्लाह की इबादत करते हैं या फिर अपने काम को करते हैं. सूरज अस्त होने के बाद मुस्लिम लोग अपने परिवार और रोजेदार के साथ इफ्तार करते हैं और अल्लाह से दुआ मांगते है।Importance of Ramzan
रमजान का महत्व
रमजान का महीना सभी मुसलमानों भाइयों और बहनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण महीना होता है। इस्लाम के तहत रमजान के वक़्त सभी मसलमानों को अपनी ज़िन्दगी के मकसद को फिर से समझने की कोशिश करते है। इससे इंसानों को बहुत कुछ सिखने को भी मिलता है। लोग अपनी रोज़मर्रा के कामों को करते हुए अल्लाह की इबादत करना भूल जाते हैं या समय नहीं निकाल पाते हैं। रमजान का महिना अल्लाह के बंदो को ये याद दिलाता है की ये ज़िन्दगी उस खुदा की नेमत है, कुछ समय उसकी इबादत के लिए भी निकाल लें ताकि खुदा का रहम हम सभी इंसानों पर बना रहे। अगर किसी ने हमारे साथ गलत किया है तो भी उन्हें माफ़ कर देना चाहिए। बुरी आदतों से बचनी चाहिए और गरीब और दुखी लोगों को पैसा, कपडा, भोजन इत्यादि दान दक्षिणा करना चाहिए जिसे जकात कहा जाता है। इस्लामिक समुदाय का मान्यता है कि, रमजान के इस महीने में जो नेकी करेगा और रोज़ा के दौरान अपने दिल को साफ़ पाक रखता है अल्लाह उसे खुशियाँ और उन्हें बरकत देते हैं। रमजान में करीब एक महीने तक हर दिन सूरज उगने से पहले उठकर भोजन किया जाता है जिसे सहरी कहते हैं, फिर दिन भर रोज़ा रखा जाता है और शाम के समय रोजेदार रोजा खोलने या तोड़ने के लिए जो खाना खाता है उसे इफ्तारी कहते हैं। इफ्तार के वक़्त सच्चे मन से जो दुआ मांगी जाती है वो कुबूल होती है। इफ्तार के वक़्त रोजा खोलने पर सभी रोजेदार खजूर खाकर रोजा खेलते हैं। इसके अलावा खजूर पेट की दिक्कत और कमजोरी जैसे अन्य बिमारियों को ठीक करता है। इफ्तार के वक़्त अल्लाह से दुआ मांगी जाती है।
FAQ -
Q. रमजान का महीना मुस्लिम कैलेंडर का कौन सा महीना है ?इस्लामी 12 महीनों के नाम हिंदी में उर्दू में इंग्लिश में
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हिंदी |
उर्दू |
इंग्लिश |
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1. मुहर्रम |
مُحَرَّم |
Muharram |
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2. सफ़र |
صَفَر |
Safar |
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3. रबीउल अव्वल |
رَبِيع ٱلْأَوَّل |
Rabiul Awwal |
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4. रबीउल आखिर |
رَبِيع ٱلْآخِر |
Rabiul Akhir |
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5. जमादी-उल-अव्वल |
جُمَادَىٰ ٱلْأُولَىٰ |
Jamadi-ul-Awwal |
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6. जुमादा अल-अखिर |
جُمَادَىٰ ٱلْآخِرَة |
Jumaada Al-Akhir |
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7. रज्जब |
رَجَب |
Rajab |
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8. शाबान |
شَعْبَان |
Shaban |
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9. रमजान |
رَمَضَان |
Ramzan |
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10. शव्वाल |
شَوَّال |
Shawwal |
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11. ज़िल क़दा |
ذُو ٱلْقَعْدَة |
Zil Qad |
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12. ज़िल हज |
ذُو ٱلْحِجَّة |
Zil Hajj |
History of Ramadan
रमजान का इतिहास
रमज़ान या रमदान (उर्दू-अरबी – फारसी : رمضان) इस्लामी कलेण्डर का नौवाँ महीना रमजान है। मुस्लिम समुदाय इस महीने को परम पवित्र मानता है।What is ramadan in islam? इस्लाम में रमजान क्या है? आओ जाने मुस्लिम धर्म में चाँद का अत्याधिक महत्व होता हैं. चाँद को देख कर रमज़ान माह शुरू किया जाता है। इस पाक महीने को शब-ए-कदर कहा जाता हैं. इसी दिन अल्लाह ने अपने बन्दों को “कुरान शरीफ” से नवाज़ा था. इसलिए इस महीने को पवित्र माना जाता हैं और अल्लाह के लिए रोज़ा अदा किया जाता है, जिसे मुस्लिम परिवार का छोटे से बड़ा सदस्य पूरी शिद्दत से निभाता हैं और रोजा रखता है व कुरान शरीफ की तिलावत करता है.रमज़ान माह में कुरान शरीफ का नाजिल (अवतरण)
How many days of fasting is there in Ramadan?
How to celebrate the month of Ramadan?
रमजान का महीना कैसे मनाते है?
Importance of Ramzan
रमजान का महत्व
Ans.रमजान का महीना मुस्लिम कैलेंडर का नौं वां महीना है ।
Q. रमजान के माह में किसके द्वारा रोजा रखता जाता है ?
Ans. बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, बच्चें, यात्रियों को छोड़ कर सभी के लिए रोजा रखना अनिवार्य होता है।
Ans.रमजान का महीना 29-30 दिनों का होता हैं। वो भी चाँद के हिसाब से दिन होते है।
Q. रमजान का इतिहास कितना पुराना है?
Ans. माना जाता है कि रमजान का इतिहास 610 ईस्वी पुराना हैं।
Ans. रमजान का समापन ईद-उल-फितर के त्योहार के साथ होता है।

